साफ हो ना आमिर भाई तो वो ना किसी भी ये. फिजूल चीजों में नहीं पड़ता। बस ठीक है।. मुझे आपसे अच्छी चीज मिलनी है।. कैसर भाई से मिलनी है। इंजीनियर साहब से. मिले। साहिल भाई से गांधी साहब से अगर मैं. इस अपने को बेहतर मुसलमान बनाना चाहता हूं. ना तो मैं बना सकता हूं आज के दौर में।. ठीक है। मुझे कोई ज्यादा स्ट्रगल करने की. जरूरत नहीं है। बट अगर मैंने कहना है मैं. ये इस तरह की हरकतें करनी है। मीम्स बनानी. है, किसी की दिलारी करनी है, किसी को जाके. तंग करना है, किसी की स्ट्रीम में जाके. उल्टी सीधी हरकतें करनी है। तो वो बहुत. टाइम है। वेला बंदा कर सकता है वो।. 110% एग्री।. कोई मैं इससे आपकी इस बात से खिलाफ कर ही. नहीं सकता हूं।. बाकी अल्लाह पाक आप दोनों को जजा दे और हम. जो भी हम हमें गलतियां बताइए उनको माफ करे. और हमें हिदायत पर ले आए।. आमीन आमीन आमीन।. और आपस में इत्तफाक इत खड़ा करे और फिरका. फिरका विारियत से शिद्दत से बालातर होकर. अल्लाह ताला हमारे दिलों को करीब करे। हर. किस्म की बदगुमानी या कोई कुछ बुरा हो. गया। एक दूसरे को माफ करके करीब आने की और. इन चीजों से बचकर मुत्तफिक होने की तौफीक. दे जो वक्त की जरूरत है। मैं समझता हूं. इससे ज्यादा वक्त की मैं क्यों कुछ हलकों
से दूर हुआ अवैस भाई उसके पीछे उसके पीछे. वजह ये है कि बात इल्मी ही क्यों ना हो. मगर यार टाइम वेस्ट हो रहा है मुसलमान. नौजवान का हमारा हमारा सरमाया हमारा. पोटेंशियल वेस्ट हो रहा है नौजवान ऐसी. बहसों में लगे हुए हैं जिनका आज रेलेवेंसी. फायदा ही नहीं है यार रेलेवेंसी नहीं उसकी. हम इसी में उलझे हुए हैं। ठीक है तो जजाक. अल्लाह ब कहने को तो बहुत कुछ है यह मौजू. आपने मेरे दिल की तार छेड़ी है मगर यकीनन. थोड़े को काफी समझा जाए और आपने जो बात की. उससे क्योंकि इत्तफाक हो गया तो फिर. मुख्तसर. जजाक अल्लाह. जजाक अल्लाह. तो जी कैसर भाई. शुक्रिया जनाब आपका जी थैंक यू वेरी मच जी. हमारे पास अब बस दो तीन पीछे कॉलर है उनको. हमने जल्दी जल्दी देखना है अनलेस कि. समथिंग कोई बीच में ऐसी आ जाती है दैट वी. हैव टू डील विद अदर देन दैट ऑडियो फाइन. रिकॉर्ड्स हमारे साथ हैं। जी जनाब आपको. आवाज आ रही है हमारी. सर. ऑडियो फाइन इज देयर आईनिक. सर जी ना करो. कुछ देर बाद मैं दोबारा आपकी तरफ आता हूं।. मोहम्मद अली खान साहब की तरफ चलते हैं।. ऑडियो फाइव भाई कोशिश कीजिएगा अपनी ऑडियो
ठीक कर ले इन द मीन टाइम। जी मोहम्मद अली. खान साहब अगर आपको मेरी आवाज आ रही है खुद. को अनम्यूट कीजिएगा।. जी आवाज आ रही है। अस्सलाम वालेकुम. रहमतुल्लाह बरकात।. वालेकुम अस्सलाम जनाब।. सबसे पहले तो कैसे हैं कैसर भाई? आमिर. भाई।. अल्लाह का शुक्र जी।. वालेकुम सलाम। वालेकुम सलाम। आवाज. सुनीसुनी लग रही है। हरी भाई. आमिर भाई आपसे तो मेरी पहले कभी बात नहीं. हुई और खुशकिस्मती है कि पहली दफा आपसे. मेरी बात हो रही है।. आलन आलन सर वगरा नवाजी आपकी आपकी आवाज. शायद किसी ऐसे भाई से मिलती है जिससे शायद. मेरी कभी बात हुई हो। खैर बल वेलकम सर. जजाक अल्लाह अगर आपका ऐसा लगता है लेकिन. वैसे मेरी आपसे बात. ठीक हो. जी सर. कैसर भाई एक गुजारिश करूंगा अगर आप अपना. माइक म्यूट करें जब मैं बोल रहा हूं. क्योंकि आवाज इको हो रही है बार-ब. शुक्रिया थैंक यू सो मच अच्छा कैसर भाई. सबसे पहले तो बहुत-बहुत मुबारकबाद के. मुस्तक हैं आपकी आमिर भाई भी बहुत जबरदस्त. काम कर रहे हैं। आमिर भाई तो माशा्लाह. मर्दे मुजाहिद खत्म नबूवत के लिए
अल्हम्दुलिल्लाह आजकल कोशा है और मैं दो. तीन बातें रखना चाहूंगा अगर आप अहबा इजाजत. दे तो. जी जी भाई जी भाई प्लीज. जी सबसे पहले तो ये इंजीनियर अली मिर्जा. वाला टॉपिक छिड़ा तो इसके ऊपर कुछ चीजें. रखना चाहूंगा. इन्होंने. उनसे पहले जो कॉलर थे उन्होंने कहा कि. बरेली और बरेली उनको ये करते हैं वो करते. हैं ये वो. अच्छा सॉरी सॉरी सॉरी अली भाई सॉरी अली. भाई मैं मैं टोकना चाह रहा हूं क्योंकि. कैसर भाई इको की वजह से माइक अनम्यूट नहीं. करेंगे मगर मुझे पूरी उम्मीद है कि हम. चाहते भी हैं कर दे कर दे. मैं मैं आपको आपको रख देता हूं पॉलिसी जो. चल रही है ना स्टार्ट में अगर आप देखेंगे. हो सकता है आप देर से आए हो बुरा मत. मानिएगा पॉलिसी बस ये चल रही है के आपका. कोई सवाल या आपका कोई इज्म है उसको रखा. जाए पिछले कॉलर्स पर या पिछली जो बात हो. चुकी है उस पर तनकीद नहीं कर क्योंकि उनको. हक नहीं है ना मिसाल के तौर पे अब पिछले. भाई की बात करने लगे हैं वो तो यहां है. नहीं वो अपने को कैसे डिफेंड करेंगे तो ये. ज्यादती हो जाएगी उनके साथ और हमारी एक. रिसोंसिबिलिटी है कि हम जो चले गए हैं उन. बात को कंक्लूड कर दें ठीक है ना बहुत
शुक्रिया जजाक अल्लाह उनको रहने दे. जी मैं समझ गया वैसे मेरा तो कोई ऐसा. इज्जमिज्म नहीं है। अल्हम्दुलिल्लाह मैं. सच्चा पक्का मुसलमान हूं।. और इज्म्स जितने भी हैं आजकल दुनिया में. एथिज्म लिबरलिज्म सो कॉल्ड जितने भी है सब. पर लानत और सब बकवास है। इस्लाम इस. परफेक्ट फॉर एवरीवन। और. क्या बात है। क्या बात है।. दूसरी दूसरी बात कहना चाहूंगा के. आजकल. यूथ के हवाले से जो काम हो रहा है। हमारी. यूथ बहुत जगहों पर ना डिस्ट्रीब्यूट हो गई. है। तो उसमें. तीन चार कैटेगरीज हैं। जिनमें मैं कहूंगा. एक इंजीनियर साहब की तरफ दूसरा. कादियानिज्म की तरफ कानियत की तरफ उनका. मैलान कुछ ज्यादा होने लगा है। उसकी वजह. यह है कि उनकी तरफ से जो हमारा सोशल. मीडिया के एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म है. TikTok उसके जरिए से बहुत सारे उनकी तरफ. से कितने आते हैं और उस पर काम हुआ काम हो. रहा है. सरात. बहुत बेदकी है एनालिसिस आपके बिल्कुल. दुरुस्त है लेकिनकि ये कॉमन नॉलेज है. इसलिए मैं चाहता हूं जो मेन जस्ट है अगर. आप उस पे तशरीफ ले जाए सबका वक्त बचेगा. अल्लाह जजा खैर दे आपको फरमाइएगा
जी जी कैसर भाई. कैसर भाई मेन चीज यही है के. मैं सिर्फ इतना चाहूंगा कि आप कुछ अपने. पब्लिक लेक्चर्स ऐसे रिकॉर्ड करवाएं।. खासकर तलबा के लिए उलमा के लिए कि जो. इन सब चीजों से वाकिफ हैं। वाकिफियत रखते. हैं। मतलब जितने भी ये इज्म्स आजकल चल रहे. हैं इन सब से वाकियत रखते हैं। लेकिन आजकल. की जो अ जिसे कहते हैं ना आजकल की जबान. उससे उनकी वाकियत नहीं है। वो उसको नहीं. जान सकते। तो इस किस्म के आप कुछ लेक्चर. अगर रिकॉर्ड कर पाए तो यह मेरी आपसे. गुजारिश है।. जी जरूर इंशा्लाह इस ट्रेनिंग कोर्स भी. हमारा तकरीबन मुकम्मल हो चुका है और. इंशा्लाह लेक्चर्स जो है वो भी. यूनिवर्सिटीज वगैरह में आते रहते हैं।. हमारा जो चैनल है द रिवाइव लिस्ट्स उस पे. आप जाएं तो उस पे आपको ओपन डिस्कशन इन. टॉपिक्स पे आपको मिलेंगे। यूनिवर्सिटीज. में भी हमारे स्टूडियो में जो होती है वो. भी और यूनिवर्सिटीज में जो लेक्चर्स होते. हैं वो भी तो ये सारे जो टॉपिक्स हैं वो. हम कवर करते हैं।. ठीक है जनाब. जी बहुत शुक्रिया कैसर भाई और. बहुत शुक्रिया आपका जी जजाक अल्लाह आते. जाते रहा करें इंशा्लाह अजीज फिर. इंशा्लाह मौका नहीं मिलता वरना आने का
बड़ा दिल करता है आपके पास आमिर भाई के. पास. अल्लाह ताला आपसे काम लेता रहे इससे कामत. दे आपको और अल्लाह ताला आपको नजर बद से. बचा के रखे. आमीन. आमीन जी बहुत-बहुत शुक्रिया आपका जी. ऑडियो भाई बता रहे हैं कि उनका माइक अब. ठीक हो गया एटलीस्ट एम्प्लई यही किया है. लेट्स सीर मेरी आवाज आ रही है आपको. जी अस्सलाम कैसे भाई आपको मेरी आवाज आ रही. है. बिल्कुल आ रही है जी. थैंक यू सो मच कैसे भाई आमिर भाई अस्सलाम. वालेकुम. वालेकुम अस्सलाम ये हमजा भाई टाइप आवाज लग. रही है मुझे वही. अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर. आमिर भाई आपको मेरा नाम याद है अल्लाहू. अकबर बहुत. देखें बस एक बस अदा से देख लो जाता रहे. गिला दिल का एक निगाह पे ठहरा है फैसला. दिल का. ये बहुत बड़ी बात है आमिर भाई आप बहुत. शुक्रिया थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच. थैंक यू सो मच ग्रेट ऑनर ग्रेटर. मैं कैसे मैं कैसे आपको भूल सकता हूं कि. आपने फ्री ऑफ कॉस्ट मुझे एक मिक्स तैयार. करके दिया और मैं उसको सुनकर खुद हैरान
हुआ कि यार मैं इतना अच्छा लिख लेता हूं।. आमिर भाई ऐसी बात करें मैं आमिर भाई मैं. मजाक कर रहा हूं। हां जी जी आई एम रियली. सॉरी मैं ना आपको ईमेल करने की कोशिश कर. रहा था मेरे ख्याल से आपका ना ईमेल वो फुल. हुआ है तो आई एम सॉरी आपको पता है मैं. हमेशा कंफ्यूज हो जाता हूं आप की आवाज सुन. के आपसे बात करते हुए. नहीं नहीं अल्लाह माफ कर. मुझे बस एक एक मिनट दीजिएगा आमिर भाई आप. वो आपने ना अभी रिसेंटली एक वो ऑडियो रैप. टाइप अपने ना. एक मिनट एक मिनट रुके रुके ऑडियो एक मिनट. रुको रुके. जी जी जी. कैसिर भाई की स्ट्रीम है। इज्म्स के ऊपर. बात हो रही है। आपने इतना वेट किया है।. मैं चाहता हूं आप उसके ऊपर कोई इज्म्स पर. बात करना चाहते हैं। उसको फोकस करते हैं।. तो क्या कहते हैं?. जी जी भाई केसर भाई आप माशा्लाह बहुत. अच्छा काम कर रहे हो और मैं सिर्फ बेसिकली. सलाम अर्ज करने के लिए आया था कि आप लोगों. को सलाम अर्ज करके शायद मेरी आखिरत का कोई. शायद सिला बन जाए बखशीश का क्योंकि मैं तो. बहुत गुनाहगार हूं। आप लोग अल्लाह के बहुत. करीब लोग चुने हुए लोग गए हैं तो. आप पढ़ गए हैं और हमें डाल रहे हैं। खैर. मैं अपनी बात कर रहा हूं ना करें।
नहीं मुझे भी मुझे भी रखें. ना करें सर ना करें।. मैं आप लोगों से बेसिकली दुआ लेने के लिए. आया हूं। आप लोग अल्लाह के बहुत करीब लोग. हैं। आप लोग अपनी जिंदगी आप लोगों ने व की. हुई है। आप लोगों की दुआ लग जाएगी तो शायद. मैं भी जिंदगी में शायद की तरफ आ पाऊंगा।. आप प्लीज आप लोग आमिर भाई आप प्लीज मेरे. लिए दुआ करें।. बस मिलके दुआ करते हैं सब एक दूसरे के लिए. जिसकी लग गई तो लग गई।. जी जी आमिर भाई प्लीज प्लीज मुझे बता दे. मैं आपसे कांटेक्ट कैसे करूं। आपका ईमेल. फुल हुआ है।. जी जी Instagram पे कर दें। जब से ईमेल. फुल हुआ है मैंने Google को थैंक यू और. खैरबाद कर दिया।. भाई आप रिप्लाई करेंगे ना Instagram पे।. जी जी मैं इंशा्लाह प्लीज भाई मैं करूंगा. भाई। अल्लाह आपको सलामत रखे। हमजा भाई. सलामत रह. जजाक अल्लाह थैंक यू सो मच थैंक यू थैंक. यू थैंक यू थैंक यू जजाक जजाक अल्लाह जजाक. ये कैसिर भाई माशा्लाह इनका ताल्लुक है. लाहौर से. और. कभी इन येकि इनका स्टूडियो है ऑडियो के. हवाले से काफी माशा्लाह इनका अच्छा काम है. इस हवाले से इनका एक्सपीरियंस है तो जरूर
कभी आपने कोई डिजिटल रिकॉर्डिंग वगैरह या. जो आप काम माशा्लाह कर रहे होते हैं. मुख्तलिफ प्रोजेक्ट्स के ऊपर तो जरूर अगर. ये ऑन बोर्ड आ गया या नहीं अगर किसी काम आ. सके उस हवाले से जरूर देख लीजिएगा जैसे. सॉरी सॉरी बात कर जी आमिर भाई प्लीज अगर. मैं किसी किस्म का काम आ सकूं मेरा मेरा. प्रोफेशनल स्टूडियो है बहुत हाई क्वालिटी. ऑडियो रिलेटेड मैं काम करता हूं तो किसी. किस्म का मेरे से आप लोग काम मैं समझूंगा. अल्लाह ने मुझसे काम लिया है आप लोग प्लीज. कोई मुझे काम लगा दे किसी के हमें ऑडियो. से रिलेटेड मैं किसी तरह हेल्प कर सकूं. नहीं सर हमने अगर आपसे सेुलर लेना हो तो. अस्तकफुल्लाह. बिल अल्लाह पाक मैं अपनी. कई अपने. जिसे कहते हैं ना के दुख लडन. आवाज में मैं एक नज्म रिकॉर्ड करना चाहता. हूं. लेकिन. लेकिन वो उसका ताल्लुक कॉज से नहीं है।. मैं इसलिए पूछ रहा हूं आपसे।. कैसे भाई आप प्लीज मुझे जरूर अपना ऑडियो. अगर आप मुझे सेंड करें मैं उसको बहुत हाई. क्वालिटी उसको बना के मैं आपको रिसेंड कर. सकता हूं।. मैं आपको वो भी बता देता हूं। आप यहीं से. ले लीजिएगा।
जी जी प्लीज. वो शाम जैसे सिसक रही थी कि जर्द पत्तों. ने आंधियों से अजीब किस्सा सुन लिया था।. लाइक नथिंग लाइक कोई वाहवाह कुछ भी नहीं।. मिलकर तमाम. रहे थे बिलक रहे थे जाने के सान के गम में. शजर जड़ों से उजड़ चुके थे बहुत तलाशा था. हमने तुमको मगर कहीं से तुम्हारी खबर ना. आई तो यह कह के हमने दिल को डाला कि हवा. थमेगी तो देख लेंगे हम उसके रास्तों को. ढूंढ लेंगे मगर हमारी यह खुशखयाली जो हमको. बर्बाद कर गई थी हवा थमी थी जरूर लेकिन. बड़ी ही मुद्दत गुजर चुकी चुकी थी। हमारे. बालों के जंगलों में सफेद चांदी उतर चुकी. थी।. अरे वाह वाह वाह वाह वाह वाह. यार ये क्या तनवीर भाई ने जुल्म कर दिया. है।. माशा्लाह माशा्लाह माशा्लाह कैसा भाई इसको. मैं सेपरेट करूंगा इंशा्लाह ताला आपके इस. ऑडियो को और मैं इसको रिफाइन करके अपलोड. करूंगा। इंशा्लाह अगर आपकी इजाजत होगी. चलिए मैं कभी मुलाकात हुई है आपसे। मैं भी. लाहौर में ही होता हूं। कभी मुलाकात हुई. आपसे तो इंशा्लाह। माशा्लाह अब मैं मैं. किस तरह कांटेक्ट कर सकता हूं आमिर भाई. कैसे भाई मैं मैं किसी तरह काम आ सकता हूं. ईमेल करें सर मैं वैसे आपसे मैं हंसी मजाक. की तो चलो और चीजें हैं कोज के हवाले से
भी मैं चाहता हूं कि जितने लोग इकट्ठे हो. बेहतर है आपके पास ऑडियो का सिस्टम मौजूद. है तो बहुत सी ऐसी चीजें हैं हमारे पास. ऑडियो के हवाले से जिनको रिफाइन किया जा. सकता है बड़े अच्छे लेवल पे उनको बयान. किया जा सकता है बहुत सी ऐसी ऑडियो को. रिकंस्ट्रक्ट करना स्कोर इस तरह की चीज़. खैर वो आप मुझे ईमेल भेजें मुलाकात होगी. तो इंशा्लाह उन प्रोजेक्ट से बात करते. हैं।. अल्लाहू अकबर बहुत शुक्रिया बहुत. शुक्रिया। मैं इंशा्लाह आपको ईमेल करता. हूं।. बक अल्लाह बक अल्लाह। भाई थैंक यू। थैंक. यू आर भाई।. लव यू। लव यू टू जजाक अल्लाह। अल्लाह. हाफिज। लव यू टू भाई।. बहुत शुक्रिया जनाब।. मैंने कहा कैसर भाई आप गुनगुना के. सुनाएंगे। आपने तो. नसर पढ़ा. यार भी देखते हैं ना बाद में कभी-कभी. ये लाइव है इसमें तो. जितना परफॉर्म करेंगे उतना ही नंबर आएंगे. इसमें से तो कोई क्रिएटिविटी भी नहीं कर. सकता. लेकिन यार ये नज़म जो है ना ये मतलब कमाल. ना ना ना बहुत उम्दा बहुत उम्दा. जिस तरह से अब आगे जैसेजैसे से जाती है ना
इट टेक्स यू विद मैं अभी क्योंकि वो. जुबानी पढ़ रहा था मेरे सामने नहीं थी. इसमें एक दो शेयर रह भी गए बीच में बट. इट्स अ वेरी हैवी स्टफ हैवी स्टफ चले खैर. एनीवे आखरी कॉलर हमारे आज के हैं जनाब. रऊफिया खान बाकी जो हमारे भाई है पीछे. महमूद साहब और कमर आपसे माज़रत मैं पहले. अर्ज कर चुका था इसलिए इट्स वेरी वेरीरी. डिफिकल्ट फॉर मी टू कैरी ऑन लाइक दिस इस. नियरली फोर आवर्स फॉर मी एस वेल एस फॉर. आमर साहब इस डे को पहले मिनट से ही. ऑलमोस्ट वो आ चुके थे। तो जनाब आखरी कॉलर. हमारे जनाब रोफिया खान साहब कैसी तयत है. आपकी?. सर. ये तो कुछ कह. रऊफा ये रऊफा. डिफिकल्ट नाम है।. खान भाई सुन रहे खान भाई सुन रहे हैं आप?. ओ. माइक का इशू हो. जी. अस्सलाम वालेकुमला वालेकुम अस्सलाम. जी नाम मोहम्मद रुफा कहां है. रुबैफा. जी जी. ओके ये ये रूफ से निकला हुआ है. नहीं रुफा ही किसी सबी का नाम था. ओके ठीक है रूफ और ठीक है ठीक है चेक
करेंगे बट लेट्स सी चल जजाक अल्लाह जी. प्लीज बोल भाई. अच्छा तो कैसर भाई मेरा आपसे ये क्वेश्चन. है पहले तो मैं अपनी पोजीशन क्लियर कर दूं. थोड़ी सी के मैं. इस टाइम मुस्लिम हूं लेकिन उसमें ये है कि. मेरा जो जर्नी रहा वो ये रहा के. इस टाइम जो हमारे सामने जो आजकल के. आर्गुमेंट्स है बेस्ड ऑन टुडेेज लॉजिक. जिसमें हमारे इस्लाम के लॉजिक आते हैं. इस्लाम कह रहे या हमारी इथलॉजी के कलाम. कोलॉजिकल आर्गुमेंट हो गया और फाइन टीम का. आर्गुमेंट हो गया। तो इनकी बेस पे तो एक. बंदा कन्वस हो जाता है कि वो मुस्लिम हो. जाए या इस्लाम को एक्सेप्ट कर ले। ठीक है?. मतलब स्टार्ट वहां से होता है बेसिकली और. वहां से ही बंदा जो है एट द एंड इस्लाम को. जो है एक्सेप्ट करता है। ठीक है? तो उसमें. बीच में काफी सारी डिटेल्स है। लेकिन. इसमें फिर एक ये क्वेश्चन आता है कि जिन. लॉजिक के स्टैंडर्ड्स के ऊपर ये थ्योरीज. बनी हुई है जो वो बनी हुई है तो उनमें. क्या हम इसको कैसे वो कह सकते हैं वो. ऑब्जेक्टिव है वो स्टैंडर्ड्स तो उसके बाद. फिर एक ये होता है कि एक पास्कल्स वेदर का. आई थिंक सो लॉजिक है कि. अगर अगर लेट्स सपोज अगर एक% भी चांस है. आखत है और ये ट्रू है तो हमें उसकी तरफ. जाना चाहिए
हमारी बहुत बड़ा वो पूरी जो बाद वाली. जिंदगी है वो स्टेज के ऊपर है और वो हमेशा. की जिंदगी है तो इस वजह से तो एक कॉमन. सेंस में ये बात समझ आती है लेकिन इसमें. इशू ये है कि हम अगरस्ट हो जाए या मतलब इस. आईडिया को ले चले तो इसमें ये इशू है कि. हम तो ना हो ना फिर हम तो फिर इस बेस के. ऊपर है कि हम सिर्फ अपना इंटरेस्ट देख रहे. हैं कि हमें जो है इस वजह से इसको फॉलो. करना चाहिए। तो इस बारे में इन श ये. क्वेश्चन है कि ऑब्जेक्टिव ऑब्जेक्टिविटी. एक्सिस्ट करती है। इसका क्या प्रूफ है?. ऑब्जेक्टिव क्या एक्सिस्ट करती है?. ऑब्जेक्टिविटी एक्सिस्ट करती है। मतलब कोई. आईडिया ऑब्जेक्टिव हो सकता है। इसका क्या. प्रूफ है?. द वेरी फैक्ट कि वो एक्सटर्नल है और वो. बेस नहीं है. मेरे अपने जाती ख्यालात पे और सोचों पे और. दुनिया में अरबों लोग हैं। उस पर हमको. देखते हैं। सो फॉर एग्जांपल अगर हम. जमीन को देखें. कि चांद से इसका. उतना ही फासला है जितना होना चाहिए इस. जिंदगी को अकोमोडेट करने के लिए। चांद हम. जो. जमीन का साइज है वो उतना ही है जितना. जिंदगी को अकोमोडेट करने के लिए होना. चाहिए।
अच्छा मैं सॉरी आप कट कर रहा हूं। मुझे इस. चीज का आईडिया है कि आप वो फाइन टीम. आर्गुममेंट के बारे में बात करें और मैं. दो तीन एग्जांपल्स दे रहा हूं कि वो डाटा. ऐसा है कि जिसको किसी आदमी की जाती राय पे. नहीं खड़ा हुआ बल्कि करोड़ों लोगों के लिए. यह ऐसा ही है और यह मैथमेटिकल है दैट. मेक्स इट ऑब्जेक्टिवली ट्रू। मैं सारी. एग्जांपल्स आपको नहीं दे रहा फाइन. ट्यूनिंग की। मैं बता रहा हूं कि इट इज. ऑब्जर्वेबल बाय मिलियंस ऑफ पीपल एंड इट इज. मैथमेटिकली एक्यूरेट देयर फॉर इट इज नॉट. सब्जेक्टिव इट इज ऑब्जेक्टिव. अच्छा चल ठीक है कुछ चीजें तो बिल्कुल हम. कह सकते हैं वेल इस्टैब्लिश्ड है लेकिन. फिर भी जो काफी सारे आइडियाज होते हैं वो. जिस तरह लेट्स सपोज इयर रिव्यू पेपर्स भी. है बेशक वो भी है लेकिन उनमें भी ये चीज. होती है ना कि वो बेस्ड ऑन उस बंदे की. क्या साइकोलॉजी है क्या उसकी कॉग्निटिव. फैकल्टीज है और कहां से वो बात आ रही वो. कहां से सारी चीजें तो वो तो सारी चीजें. समझ आती लेकिन उसमें कहीं ना कहीं तो. बायसेंस होती है ना क्योंकि अगर कोई. आईडिया ऑब्जेक्टिव है तो इसका मतलब ये है. कि हर किसी को स्ट्रेस नहीं होना चाहिए।. नहीं देखिए बात यह है ना कि चलिए आपने. फाइन ट्यूनिंग की एग्जांपल दी है तो वी. वर्क विथ दैट जब हम फाइन ट्यूनिंग की बात
करें तो बायसनेस तो उस वक्त होगी ना कि एक. आदमी ने प्रींसीव उसका आईडिया होगा कि. मैंने इसमें से खुदा को साबित करना है. ऑलाइट श्योर आप कह सकते हैं बायस्ड है वो. है या नहीं है वो एक और बात है लेकिन. एटलीस्ट वी कैन स्पेकुलेट लेकिन एक एथिस्ट. है उसकी भी वही कैलकुलेशंस है एक थिएस्ट. है उसकी भी वही है एक आदमी है जो इन बहसों. में सिरे से पढ़ता ही नहीं है उसकी भी वही. है तो किसको को हम कहेंगे क्या ये सारे. बायस्ड है दे आर टेल टुवर्ड्स गॉड. डिस्पाइट द फैक्ट दे हैव ऑल डिफरेंट. स्टैंडिंग्स. मैं आपकी बात समझ गया हूं मैं ये कहना चाह. रहा हूं कि ये जो स्टैंडर्ड्स है हमने. बनाए हुए ये जो बेसिकली हम इस तरह कह ले. के पिस्टोमोलॉजी के जो स्टैंडर्ड्स है या. फिर जो फिलोसफी के स्टैंडर्ड है आज के कुछ. टाइम बाद ये चेंज हो जाए तो हाउ डू वी नो. के मतलब ऑब्जेक्टिवली ये रहेगा क्योंकि. फिलोसफी बहुत बड़े. दिस इज एक्सप्ल एक्सप्लेंड इन द लैंग्वेज. ऑफ़ मैथमेटिक्स। जिस चीज की आप बात कर रहे. हैं ना वो सॉफ्ट साइंसेस ऐसी होती है कि. जिससे पैराडाइम चेंज हो जाते हैं। श्योर. आई एग्री विद दैट। लेकिन आज से 10,000 साल. पहले भी दो और दो चार होते थे। आज से. 10,000 साल बाद भी दो और दो चार ही होंगे।. इसलिए मैं बार-बार उसका हवाला दे रहा हूं
और कैलकुलेशन का हवाला दे रहा हूं कि उसके. अंदर जो कैलकुलेशन के मेथड्स हैं वो कोई. फ्रेमवर्क ऐसे नहीं है जो चेंज हो जाते. होंगे। वो होते हैं. उसके अंदर एक एक पर्टिकुलर टाइप ऑफ. बायसनेस पाई जाती है। वो आपकी बात दुरुस्त. है। लेकिन उसका हमारी बहस से ताल्लुक नहीं. है। वो कैलकुलेशन के जो फ्रेमवर्क्स हैं. वो किसी बहुत ही छोटी क्वांटम लेवल की चीज. को कैलकुलेट करने के लिए डिफरेंट मॉडल्स आ. सकते हैं। ये दुनिया में फॉसल्स कोई ऐज को. कैलकुलेट करने के लिए जो मैथमेटिकली किए. जाते हैं उसके अंदर वो आ जाते हैं। लेकिन. वो भी बायस भी जो होता है उस आदमी का हो. सकता है कि वो एवोलशनिस्ट है या. क्रिएशनिस्ट है एंड सो फोर्थ लेकिन. कार्बन की ओमिशन का भाई एक ट्रिपल ए. प्रोसेस एक दुनिया में मौजूद है उसको आप. जिस मर्जी तरीके से आप कैलकुलेट करें उसका. जवाब वही आएगा जो एनर्जी की. डिस्ट्रीब्यूशन है मैथ्स इन रेफरेंस टू. मैथ्स इट्स गोना बी सेम इट्स ऑल मैथमेटिकल. तो उसमें कोई हम फ्रेमवर्क ऐसे नहीं है जो. हम चेंज कर देंगे और क्योंकि सॉफ्ट साइंस. नहीं है इट्स रूट ेड इन मैथ्स एंड इट हैस. बीन देर फॉर एस लॉन्ग एस वी नो. अच्छा चल इसमें अब ठीक है मुझे बात समझ आ. गई अब लेट सपोज हम ले लेते हैं फाइन टी. आर्गुममेंट कोई तो इसमें एक हमें एंड पे
एक रिजल्ट आता है कि जी इस तरह हर चीज झूठ. है तो उससे हर बंदा अपनी वो डेफिनेशन. ड्राइव करता है वही आर्गुमेंट एथिस्ट के. सामने भी है किसी और के सामने भी है तो. अगर वो आर्गुमेंट ऑब्जेक्टिवली ट्रू है तो. वो तो हर किसी को अपील करना चाहिए. ओके. मैं ये पूछती हूं दिस इज वन ऑफ द रीज़ंस के. एक प्राइवेट कन्वर्सेशन जो बाद में. YouTube वगैरह पे ये जितने भी अग्रेसिव. एथियस थे. क्या नाम था. क्रिस्टोफर हच के आपके लिए सबसे मुश्किल. आर्गुमेंट कौन सा है एड्रेस करना उसने भी. कंसीड किया कि फाइन ट्यूनिंग इट डजंट मेक. एनी सेंस टू एनीवन क्योंकि अगर उसके पीछे. वो फाइन ट्यून नहीं है और वो रैंडम है देन. देन पीपल विल हैव टू एक्सप्लेन कि अरबों. सालों से इतने खरबों के हिसाब से. एक्सीडेंट्स कैसे चल रहे हैं।. विद प्रिस्टजन मैथमेटिक्स तो अपील तो सबको. करता है। अब उसके बाद एक आदमी है वो सारा. कुछ जानने के बाद भी समझता है कि मैं. इसमें से डिजाइन नहीं देखता। अब जैसे. रिचर्ड डॉकिंस है। आप उसकी मिसाल ले। मेरी. अभी सबूर अहमद से भी पडकास्ट हुई जिसमें. भी हमने किया था इसको डिस्कस के एक आदमी. का व्यू यह है कि वो कहता है कि देखो द. यूनिवर्स लुक्स डिज़ बट इट्स नॉट लुक्स डिज़
शोर दैट्स अ साइंटिफिक स्टेटमेंट इसलिए कि. आप इसको फॉल्सिफाई कर सकते हैं। यानी कि. टेस्ट कर सकते हैं कि क्या वाकई डिज़ाइन. लगता है या नहीं लगता। बट वेरी नेक्स्ट. थिंग इज़ बट इट्स नॉट। तो ये एक ज़िद है।. आपको अपील कर रहा है। और यही वजह है कि जब. आप इनमें. ड्रिल डाउन करते हैं दे ऑल कम वि सम सॉर्ट. ऑफ़ एक्सप्लेनेशन जैसे रिचर्ड डोकंजी है कि. नहीं शायद कोई एलियन हो वो कर गया हो ये. कर गया हो बिकॉज़ यू कांट डिनाई दैट हां. आपकी हटधर्मी है उसके बाद वो आपकी अपनी. मर्जी है उसमें से आप कज बहसी करें वो. आपकी अपनी मर्जी है बट नो वन कैन डिनाई द. फैक्ट कि इसके. जितनी इसकी प्रसीजन है ये एक्सीडेंटल नहीं. हो सकता. अच्छा ठीक है लेकिन इसमें ये चीज है ना. क्वेश्चन तो फिर भी वहीं पे ही है कि अगर. कोई चीज एब्सोल्यूट है या फिर ऑब्जेक्टिव. है के लेट सपोज जिस तरह आप इनका एक बता. रहे हैं। ठीक है? अब ये दो टू प्लस टू फोर. इसको तो ये मानते हैं ना ये एक क्लियर है।. ठीक है? अब एक इंसान है जिसके सामने है कि. फाइंड ट्यूनिंग आर्गुमेंट है। ठीक है?. वहां से वो ड्राइव करता है कि जी गड. एक्सिस्ट करता है और उसके बाद वो उसे किसी. ना किसी रिलजन को सब्सक्राइब करना होगा।. ठीक है? तो उसको पता है कि बाद वाली
जिंदगी आने वाली है तो वो क्यों सिर्फ वो. उसके अंदर ये वाइस क्यों आएगा कि मैं इस. चैनल को सब्सक्राइब करो मैं अपनी आखिरत भी. वो लगा दूं अगर उसको एक% भी उसमें आ रहा. है कि यार मैं जो है अगर अगर ये आर्गुमेंट. ट्रू है तो आई डोंट थिंक सो मुझे. ऑब्जेक्टिव या एब्सोल्यूट तो नहीं लग रहा. हिसाब से. नहीं देखिए एब्सोल्यूट किसी इस एब्सोल्यूट. की डेफिनेशन में ये नहीं आता के उसको सारे. माने भाई आपके मुल्क का एक कानून ून है जब. तक वो है तब तक वो एब्सोल्यूट होता लेकिन. उस कानून को सारे नहीं मानते तो इसका मतलब. यह तो नहीं है कि किसी चीज की वो कितने. लोग मानेंगे तो यह एब्सोल्यूट होगा भाई एक. चीज. हम ये कहते हैं कि व्हाट इज द आर्गुममेंट. दैट यू हैव टू नरिफाई इट अगर वो नहीं है. आपके पास तो आप माने ना माने तो आपकी अपनी. मर्जी है और यह तो दुनिया में हो ही नहीं. सकता कि आप यह कानून बना दें कि इसको इतने. लोग मानेंगे या सारे मानेंगे तो ही इसको. हम एब्सोल्यूट कहेंगे। सवाल यह है कि. मैथ्स हमें क्या बताता है? केमिस्ट्री. हमें क्या बताती है? एक सिस्टम की दूसरे. सिस्टम के साथ लिंकेज हमें क्या बताती है?. किसी एक सियारे पे जिंदगी के होने के लिए. अराउंड 52 या 53 मुझे एक्सैक्ट याद नहीं. है कि इतनी कंडीशंस होनी चाहिए और वो भी
इस तरह कि एक कंडीशन पे दूसरी कंडीशन. डिपेंड करती है उस पे तीसरी कंडीशन उस पे. चौथी कंडीशन वो सारे लेयर्स ऐसे 50 से. ज्यादा कंडीशंस पूरी हो रही हैं देयर इज. अब्सोलुटली ट्रू अब उसके बाद कोई आदमी कहे. एक्सीडेंट वो उसकी अपनी मर्जी है बट दे. कैन नॉट डिनाई के मैथमेटिकली दिस इज ऑल. ऑब्जेक्टिवली ट्रू एंड अब्सोलुटली ट्रू. श सही है मैं दोबारा इसको एक बार देखता. हूं. या शोर जरूर मेरी अभी इस सीरीज है वो सीखो. भाई कैसर अहमद राजा उस पे पहली एपिसोड आ. चुकी है वो है ही फाइन ट्यूनिंग के. आर्गुममेंट से कि किस तरह से हम यूनिवर्स. की तखलीक से इस चीज को साबित करते हैं. हिसाब से देखो ना तो मुझे बिल्कुल वो अपील. करता है और ठीक भी लगता है लेकिन मैं ये. कहता हूं कि अगर हमने तो बेसिकली फैसला. करना है ऑब्जेक्टिव कैंडिडेट्स के ऊपर ना. के हम एक डिसीजन लेने जा रहे हैं हम एक. चीज बिलीव करने जा रहे हैं अपने लाइफ में।. तो बेसिक तो यही है ना इंसान का मुझे. बेसिक मतलब लॉजिक के ऊपर या इन चीजों के. ऊपर अब लॉजिक भी इंसान की अक्ल से ड्राइव. हुई है। इंसान के भी कई बार धोखा खा चले. वो पीियर रिव्यू चीजें डिफरेंट चीजें तो. मेरी जो अंडरस्टैंडिंग है तो उसके हिसाब. से मुझे ये चीज लग रही थी कि अगर अगर किसी. इंसान को जरा सा भी वो हो कोई एथिस्ट ही
क्यों ना हो जरा सा भी एक% ही उसको हो यार. अगर ये ट्रू हुआ तो तो मुझे तो बेसिकली. एथिस्ट की पोजीशन तो इस हिसाब से सारी. वेगर का जो मैंने लॉजिक उस हिसाब से ही. मुझे वो इलॉजिकल लगती है पोजीशन के आप देख. अगर 1% भी चांस हुआ तो फिर क्या. सिचुएशन ये है ना कि हम एक ऑब्जेक्टिवली. वेरीायबल इंफॉर्मेशन को हम कोशिश कर रहे. हैं कि लोगों के बिहेवियर से समझने की. कोशिश करें। भाई लोगों का बिहेव अब एक. एक दो और दो चार हैं। बात क्लियर है बट. देयर इज़ अ पर्सन हु बिलीव्स के नहीं है तो. मैं यह तो नहीं कहूंगा यार एक पर्सन भी. अगर इसमें होते मैं उसके बिहेवियर पे भाई. उसका बिहेवियर उसकी फ्री विल है वो जो. मर्जी इंटरप्रेट करे आजकल की जो साइंस है. वो एथिज्म पे बेस्ड है उसके अंदर. मेथोडोलॉजिकल नेचुरलिज्म है जो इनका एक. अकीदा है उसके अंदर साइंटिज्म है जो इनका. एक अकीदा है फिलोसोफिकल नेचुरलिज्म है जो. इनका सॉरी फिलोसोफिकल मटेरियलिज्म जो कि. इनका अकीदा है वो उस अकीदे के साथ ट्रू. रहना चाहते हैं दैट्स अप टू देम वी कैन. प्रेजेंट द फैक्ट्स टू देम के लुक दिस इज. व्हाट द साइंस टेल्स अस दिस इज़ व्हाट द. मैथ्स टेल्स अस। आपका एथिज्म आपको नहीं. इजाजत देता है तो वो आपकी अपनी मर्जी है।. भाई अब कितना एक मिसाल के तौर पे कानून जो. है वो जब तक चेंज नहीं होता तब तक वो
एब्सोल्यूट होता है। दो वकील उस पे लड़ रहे. हैं। एक कहता है कि नहीं ऐसे नहीं है। ये. वैसे है। तो उसकी बेस पे हम ये तो नहीं. कहेंगे कि भाई ये कानून जो है ये. एब्सोल्यूट ही नहीं है। इसलिए इस पे तो. एक% भी अगर होता तो उसको मान लेता। ह्यूमन. बिहेवियर हैज़ नथिंग टू डू वि दब. अब्सोल्यूटनेस ऑफ एनीथिंग।. अच्छा आई थिंक सो ना ये जो आप्सोलट. एग्जांपल दे रहे हैं कंट्री के लॉ की ये. इसके ऊपर अप्लाई नहीं होती जो हम बात कर. रहे थे हम एक. आपको एक एग्जांपल दे रहा हूं ना कि जब तक. वो लॉ चेंज नहीं होता तब तक तो वैसे तो लॉ. रिलेटिव भी होता है ऑब्वियसली लेकिन इसलिए. मैं कह रहा हूं जब तक वो चेंज नहीं होता. किसी भी चीज को आप ले लें पीपल इट्स यार. अब ना बड़ी एक छोटे लेवल की आप मिसाल ले. लें के कई दफा ऐसा होता है लड़ाई झगड़े. में. खानदान के झगड़े होते हैं। दो तीन केसेस. मैंने भी ऐसे देखे हैं कि लड़ाई झगड़ा हुआ. तो बीवी ने अपने हस्बैंड से लड़ा गुस्से. में कह दिया कि ये तुम्हारा बेटा जो वगैरह. वगैरह सारे तुम्हारा बेटा है ही नहीं। मैं. ऐसे केसेस से मैं वाकिफ हूं। इट्स. ऑब्जेक्टिवली ट्रू के वो उसका बेटा है।. लेकिन वो उसने लड़ाई डालने के लिए कह दिया. नहीं है। तो अब बंदा कहे कि यार उसने कह
दिया नहीं है तो मे बी ये ऑब्जेक्टिवली. ट्रू ना हो। ओपिनियंस हैज़ नथिंग टू डू विथ. द ऑब्जेक्टिविटी एट ऑल। उसे यानी कि इन. टर्म्स ऑफ कि उसके ऊपर इंपैक्ट नहीं होता. उसका।. सवाल यह है कि क्या मैथमेटिकली यह ट्रू है. या नहीं है? इफ देयर इज द केस दैट्स एंड. ऑफ द मैटर। कोई माने ना माने व्हाट व्हाट. डिफरेंस वुड दैट मेक?. ओके।. आपके जाने से पहले ना मैं आपको एक चीज. दिखाता हूं। अगर यहां पर चल गई शक नहीं कि. साइंस इंसानों का बनाया हुआ शायद सबसे. बेहतरीन एंटप्राइज है।. लेकिन यह भी एक अफसोस की बात है कि पिछले. कुछ अरसे से साइंस को इलहाद फैलाने के एक. औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।. लेकिन यह भी एक हकीकत है कि साइंस ही खुदा. के करीब ले जाने का एक अहम आला है। ना ओ. इस्लाम वर्सेस इलहाद यह तो एक पुरानी बहस. चली आ रही है। लेकिन हाउ अबाउट दिस? साइंस. वर्सेस एथिज्म।. यानी वो साइंसी दरियाफ्तें, वो साइंसी. हकायक, वो ऐसे पिनहा राज जो हमें सिर्फ एक. ही नतीजा देते हैं और वो यह कि यह सब कुछ. हबस नहीं है। यह महज हादसा नहीं है। बल्कि. इसके पीछे एक खालिक है। नाउ मेरे कंटेंट. के हवाले से आप यह वाकिफियत जरूर रखते. होंगे कि मैं जब साइंसी बात करता हूं तो
आमतौर पर उसमें कोई मजहबी हवाला नहीं. देता। इससे पहले मैं एक सीरीज आपके सामने. पेश कर चुका हूं जो कि है डार्विनिज्म. वर्सेस साइंस। अबकी बार हम इरतका को. छोड़कर जो कायनात के असरार और रूमस हैं जो. पहचीदगियां हैं कि ये कायनात कैसे बनी?. इसके अंदर कौन से लॉज़ हैं वो कैसे काम. करते हैं? और इतनी कायनात के एक हिस्से. में कैसे जिंदगी का वजूद मुमकिन है? इसके. पीछे क्या राज तनहा है? इस टॉपिक पे सीरीज. लेकर बहुत जल्द आपकी खिदमत में पेश हो रहे. हैं। सीखो बाय कैसर अहमद राजा पे और हम. देखते हैं कि साइंस किस तरह से एथिज्म को. एब्सोल्यूट टर्म्स में डिफ्यूट करती है।. हियर गो सर। दैट्स व्हाट आई कैन डू।. पहली किस्त आ चुकी है।. थैंक यू।. ये अभी आपकी आ गई है सीरीज या अभी अपलोड. होनी है सिर्फ ट्रेलर आया. आज इसकी पहली किस्त आई है सीखो भाई कैसर. अहमद राजा पे ये ट्रेलर था पहली किस्त आई. है और साथसा वो. अच्छा मेरा एक लास्ट आपसे क्वेश्चन है कि. आप काइंडली मतलब ऑब्जेक्टिविटी को कोई. डेफिनेशन कह सकते हैं मतलब क्या. ऑब्जेक्टिविटी की क्या डेफिनेशन. समथिंग दैट समथिंग दैट डस नॉट डिपेंड ऑन. माय ओपिनियंस और इमोशंस और फीलिंग्स. समथिंग दैट ट्रांसेंड्स अस एंड आवर
ओपिनियन डजंट हैव एनी इंपैक्ट ऑन इट. मतलब. ओके चले ठीक है ठीक है नेक्स्ट टाइम. इंशा्लाह शुक्रिया थैंक यू जी बहुत-ब. शुक्रिया आपका जनाब थैंक यू वालेकुम. अस्सलाम. जबरदस्त कैसर भाई माशा्लाह बड़ा उम्दा ये. जो एथिज्म वर्सेस साइंस का सिलसिला शुरू. होने वाला है ये बड़ा एक्साइटिंग और. इंटरेस्टिंग है क्योंकि यहां पर टेबल टर्न. होने लगे हैं और टेबल टर्न होते हुए जो. मामलात होते हैं वो बड़ा मजा आता है. क्योंकि टेबल के नीचे जो छुपा होता है ना. वो पकड़ा जाता है। यानी जैसे स्कूबी डू हम. देखा करते थे स्कूबीडू के अंदर जब मॉन्सर. पकड़ा जाता था ना तो उसके मुंह से मास्क. उतारते थे तो नीचे से हकीकत निकलती थी।. कुछ और ही निकलता था। तो यहां देखने वाला. मामला होगा और ये प्योर साइंटिफिकली जो आप. इस टॉपिक को ले चलेंगे ये बड़ा इंटरेस्टिंग. होगा और बड़े अरसे से इस तरफ तवज्जो नहीं. दी जा रही थी कि जो है हमेशा ये रहा है. साइंस वर्सेस रिलजन एथिज्म वर्सेस साइंस. भी तो सामने है पता तो चले कि ये जो. इन्होंने हाईजैक किया हुआ है और ये अपना. जनाब इन्होंने मल मारी हुई है कि ये जनाब. हमारा कोई यानी साइंस इन्होंने कोई इजाद. कर दिया साइंस इनके हाथ की कठपुतली. इन्होंने ने बनाकर पेश की और साइंस तो भाई
आपको रिजेक्ट कर रही है। आपका तो डीएनए ही. मैच नहीं कर रहा साइंस के साथ।. आप तो मैच ही नहीं कर रहे।. बिल्कुल यही आईडिया है जी। इंशा्लाह अजीज. ये फिर किस्त मजीद जो है वो आती रहेंगी।. लेकिन आज का सिलसिला हमारा इख्तताम को. पहुंचता है। सवा चार घंटे तकरीबन हो गए. हैं। तो जवान आदमी है अमर भाई। में उम्र. जो है ना वो कैच अप कर गई है। तो. नहीं ईमान यूनियन में ईमान यूनियन में. सबसे लंबी स्ट्रीम का रिकॉर्ड आपने ही. तोड़ा हुआ है।. [संगीत]. एक आपको बात और बताऊं वो 7 घंटे की थी. लेकिन उसके बाद मेरी एक डिबेट हुई है जो. रिकॉर्ड नहीं हुई। बड़ी सेंसिटिव टॉपिक पे. थी वो 12 घंटे की थी। अभी कुछ. इंशा्लाहिक. ये किधर हुई? Twitter पे. नहीं नहीं ये लाहौर में एक प्राइवेट डिबेट. थी एक बड़े सेंसिटिव टॉपिक पे. अच्छा रिकॉर्ड नहीं हुई वो. नहीं रिकॉर्ड नहीं है उसकी. अच्छा अच्छा इंटरेस्टिंग माशा्लाह 12 घंटे. टेक टेक माय वर्ड फॉर इट. अल्लाह आप लोगों को खैर दे कैसर भाई और. जजाक अल्लाह आपने आज स्ट्रीम की और आपके. तवसुद से मौका मिला कि मेरी भी जो है वो. हो गई हाजिरी क्योंकि मैं कल नहीं कर पाया
था तो अल्लाह आपको जजा खैर दे के आपने. मौका दिया. और अल्लाह आपको बहुत जजा खैर दे सर आप. बिल्कुल आगाज से आप जुड़े हमारे साथ ऑल द. वे हमारे साथ रहे बहुत-बहुत शुक्रिया. बहुत-बहुत शुक्रिया उन सब लोगों का इस. वक्त भी तकरीबन हमें कोई 880 से ज्यादा. लोग देख रहे हैं मुख्तलिफ प्लेटफार्म्स पे. बड़ी मोहब्बत है कि रात गए वीकेंड पे जो. बड़ी बहुत कुछ करने की रात होती है उसमें. आप जुड़ते हैं साथ मिलते हैं अल्लाह ताला. सबको जजा खैर दे बहुत-बहुत शुक्रिया सबका. इंशा्लाह मुलाकात होती है आपसे अगली लाइव. स्ट्रीम में अनटिल दैट टाइम अस्सलाम. वालेकुम रहमतुल्लाह व बरकातू वालेकुम. अस्सलाम
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